SSC CGL DEST Previous Year – Environment Conservation
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पर्यावरण संरक्षण आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती और आवश्यकता बन गया है। मनुष्य ने अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और अंधाधुंध विकास की चाह में प्रकृति का बहुत अधिक दोहन किया है, जिसके परिणामस्वरूप हमें गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आज वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, और मृदा प्रदूषण जैसी समस्याएँ एक विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। उद्योगों और वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं ने हवा को इतना प्रदूषित कर दिया है कि बड़े शहरों में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। नदियों और तालाबों में औद्योगिक कचरा और प्लास्टिक भारी मात्रा में फेंका जा रहा है, जिससे जल स्रोत बुरी तरह प्रदूषित हो रहे हैं और जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वनों की लगातार हो रही कटाई से न केवल वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, बल्कि धरती के तापमान में भी भारी वृद्धि हो रही है, जिसे ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र में अनियमितता आ गई है; कहीं भयंकर सूखा पड़ता है तो कहीं विनाशकारी बाढ़ आती है। पर्यावरण की रक्षा के लिए हमें तुरंत कुछ कड़े और प्रभावी कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए और कचरे के सही प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का अधिक उपयोग करना होगा ताकि जीवाश्म ईंधन पर हमारी निर्भरता कम हो सके। सरकार के साथ-साथ हर आम नागरिक का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह अपने आसपास साफ-सफाई रखे और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बने। यदि हमने समय रहते प्रकृति के साथ तालमेल नहीं बिठाया, तो भविष्य में इसके परिणाम बेहद विनाशकारी होंगे और आने वाली पीढ़ियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।