SSC CGL Hindi Typing Test 47 - Fundamental Rights
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भारतीय संविधान द्वारा देश के प्रत्येक नागरिक को कुछ ऐसे विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं, जो उनके सम्मानजनक जीवन और सर्वांगीण विकास के लिए बिल्कुल अनिवार्य हैं; इन्हें ही मौलिक अधिकार कहा जाता है। हमारे संविधान के भाग तीन में मुख्य रूप से समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार, तथा संवैधानिक उपचारों का अधिकार बहुत ही विस्तार से शामिल किए गए हैं। ये शानदार अधिकार किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, धर्म, रंग, या लिंग के आधार पर होने वाले किसी भी प्रकार के अनुचित और गैरकानूनी भेदभाव को पूरी तरह से रोकते हैं। लोकतंत्र की असली और सच्ची सफलता इसी बात पर निर्भर करती है कि वहां के नागरिक अपने इन मौलिक अधिकारों का कितनी स्वतंत्रता और निडरता के साथ उपयोग कर पाते हैं। यदि कोई भी शक्तिशाली व्यक्ति या स्वयं सरकार इन महत्वपूर्ण अधिकारों का उल्लंघन करती है, तो नागरिक सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। लेकिन हमें यह भी हमेशा याद रखना चाहिए कि अधिकारों के साथ-साथ हमारे कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण और अनिवार्य कर्तव्य भी जुड़े होते हैं। बिना अपने कर्तव्यों का सही पालन किए केवल अधिकारों की मांग करना राष्ट्र हित में नहीं है।