SSC CGL Hindi Typing Test 39 - Caring for the Elderly
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भारतीय समाज हमेशा से ही अपने विशाल संयुक्त परिवारों और बुजुर्गों के प्रति बहुत ही गहरे सम्मान और आदर की गौरवशाली परंपरा के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता रहा है। हमारे दादा-दादी और माता-पिता किसी भी परिवार की सबसे मजबूत और गहरी नींव होते हैं। उन्होंने अपने खून-पसीने से हमें पाला-पोसा, हमारी हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा किया, और हमें एक अच्छा तथा सफल इंसान बनाने के लिए अपने जीवन की सभी इच्छाओं का खुशी-खुशी बलिदान कर दिया। लेकिन आज के तेजी से बदलते हुए आधुनिक और पश्चिमी परिवेश में, एकल परिवारों का चलन बहुत ही खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। आज के व्यस्त और स्वार्थी युवा अपने बुजुर्ग माता-पिता को उनके जीवन के आखिरी और सबसे संवेदनशील पड़ाव पर बिल्कुल अकेला और बेसहारा छोड़ रहे हैं। यही कारण है कि आज हमारे देश में वृद्धाश्रमों (ओल्ड एज होम्स) की संख्या बहुत ही दुखद और तेजी के साथ बढ़ रही है। बुढ़ापे में इंसान का शरीर कमजोर हो जाता है और उसे पैसे से ज्यादा अपनों के प्यार, थोड़े से समय, और भावनात्मक सहारे की बहुत सख्त जरूरत होती है। हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि कल हम भी बूढ़े होंगे। बुजुर्गों का सम्मान और उनकी अच्छी देखभाल करना हमारा सबसे बड़ा और सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। उनका अनुभव और आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी और कीमती दौलत है।